समस्त धर्मों व जातियों के एकात्मक प्रयास से होगा कोरोना का खात्मा

नोवल कोरोनावायरस अर्थात Covid 19 जिसने न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में हड़कंप मचा कर रख दिया है यह वही कोरोना वायरस है जिसने हजारों लोगों की जान अपने अंदर निगल ली हैं। परंतु कुछ लोग असामाजिक तत्व आदि इसको धर्म और जाति विशेष को लेकर निशाना साध रहे हैं परंतु यह पूर्ण तरीके से गलत है कोरोनावायरस किसी भी व्यक्ति के धर्म जाति और समुदाय को या क्षेत्र को देखकर नहीं आता है कोरोनावायरस एक ऐसी महामारी है जिसमें वह मनुष्य को केवल एक मनुष्य ही समझता है और मानवता के लिए खतरा पैदा करने वाला कोरोनावायरस मानवता की लड़ाई के साथ ही समाप्त किया जा सकता है सबका एकात्मक सामूहिक और जिम्मेदारी प्रयास जो स्वयं के द्वारा ही समाप्त किया जा सकता है हर एक को अपनी जनभागीदारी से यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारा लक्ष्य न केवल कोरोना वायरस से लड़ने का है बल्कि उसको खत्म करने का भी है चाहे वह किसी भी जाति किसी भी समुदाय या किसी भी धर्म का व्यक्ति हो।

सरकारे हो या प्रशासन हर एक ने अपनी ओर से पूर्ण तरह से पूर्णता अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन करा है परंतु सर्वाधिक महत्वपूर्ण यदि किसी की जिम्मेदारी और जवाबदेही है तो वह स्वयं की है क्योंकि इस लड़ाई में सर्वाधिक महत्वपूर्ण यह बन जाता है कि कोई भी व्यक्ति अपनी रक्षा स्वयं अपने द्वारा करें क्योंकि जब तक यह संदेश पूरी दुनिया में पूरे देश में पूरे समुदाय में नहीं मिलेगा तब तक हम कोरोना वायरस को फैलने से रोक नहीं सकते और तब तक यह कोरोनावायरस लगातार चलेगा इसीलिए हमें को आवश्यकता है जरूरत है कि हर वह व्यक्ति चाहे वो किसी भी जाति का हो किसी भी धर्म का हो किसी भी समुदाय का हो किसी भी क्षेत्र का हो वह अपनी जिम्मेदारी स्वयं सुनिश्चित करें और आवश्यकता पड़ने पर ही घरों से बाहर निकले और जहां तक हो सके वह अपने घर की लक्ष्मण रेखा में ही अंदर रहे और इस कोरोना वायरस की लड़ाई में जब तक ऐसा करेगा तब तक वह स्वयं की रक्षा नहीं करेगा बल्कि दुनिया और संपूर्ण मानव समुदाय की रक्षा करेगा और कोरोनावायरस नामक राक्षस को मारने के लिए वह अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेगा और शासन प्रशासन को सहयोग करेगा क्योंकि किसी भी फिर युद्ध में जन भागीदारी के बिना उसको लड़ना असंभव है।

“सबका साथ + सबका सहयोग =भारत निरोग

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