दिग्विजय सिंह करेंगे ग्वालियर में ज्योतिरादित्य सिंधिया का सामना और गोविंद सिंह नेताप्रतिपक्ष

मध्य प्रदेश की कांग्रेस पार्टी में एक बार फिर दिग्विजय सिंह नाम का सूर्य पूरे देश के साथ दमक रहा है। मध्य प्रदेश में कुल 24 सीटों पर उपचुनाव होने हैं इसमें से 16 सीटें ग्वालियर-चंबल संभाग में आती है। यह वह इलाका है जिसमें टिकट वितरण का फैसला ज्योतिरादित्य सिंधिया किया करते थे। सिंधिया के अलावा इस क्षेत्र में दिग्विजय सिंह की मजबूत पकड़ है जबकि कमलनाथ को पहचानने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है। यही कारण है कि कमलनाथ की तुलना में दिग्विजय सिंह कैंप पावर में रहेगा और राजा दिग्विजय सिंह की राजनीतिक रियासत डॉ गोविंद सिंह नेता प्रतिपक्ष बनाए जाएंगे। 

मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ हैं परंतु उपचुनाव में कमलनाथ के पास कुछ भी नहीं है। वह ना तो 24 सीटों पर प्रत्याशियों का चयन कर पाने की स्थिति में है और ना ही इन 24 सीटों के चौसर पर किसी भी तरह की चाल चलने की स्थिति में है। मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह एकमात्र ऐसे नेता है जो इन 24 सीटों की गली गली से वाकिफ है। इसलिए माना जा रहा है कि उप चुनाव की कमान दिग्विजय सिंह के हाथ में रहेगी। टिकट वितरण से लेकर चुनावी रणनीति तक हर फैसला दिग्विजय सिंह करेंगे। 

ग्वालियर-चंबल की 16 सीटें सबसे बड़ा सिरदर्द 

कांग्रेस पार्टी के लिए ग्वालियर-चंबल की 16 सीट में सबसे बड़ा सिर दर्द है। ग्वालियर-चंबल वह क्षेत्र है जो आजादी के पहले भी कांग्रेस के साथ नहीं था। पंडित जवाहरलाल नेहरू अपने दम पर इस क्षेत्र में जीत पाने की स्थिति में नहीं थे। उन्होंने ही दबाव बनाकर सिंधिया राजवंश को कांग्रेस में शामिल किया था। अब ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में चले गए हैं। एक बार फिर वही स्थिति बन गई है जो पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय थी। कांग्रेस पार्टी और कमलनाथ के पास इस क्षेत्र को जीतने के लिए कुछ भी नहीं है। सिर्फ दिग्विजय सिंह है जो इस इलाके में ज्योतिरादित्य सिंधिया का सामना कर सकते हैं। यही कारण है कि वर्ष 2020 में कांग्रेस पार्टी में दिग्विजय सिंह के नाम का सिक्का चलेगा। कमलनाथ और उनके समर्थकों को पद एवं प्रतिष्ठा के लिए इंतजार करना होगा।

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