न्‍यूजीलैंड की महिला PM आखिर ऐसा क्‍या कर रही हैं ? देश में कोरोना से अब तक सिर्फ 2 मौत

कोरोना वायरस दिसंबर महीने से दुनिया में तहलका मचाए हुए है । चीन से निकलकर इस वायरस ने मार्च महीने तक लगभग पूरी दुनिया को संक्रमित कर दिया । लेकिन अब अप्रैल आते-आते कई देशों ने इस लड़ाई में जीत की तैयारी कर ली है । ये देश अपने सहां संक्रमित लोगों की संख्‍या कम करने के मिशन में कामयाब हो रहे हैं । ऐसे ही देशों में न्यूजीलैंड भी शामिल है । मीडिया रिपोर्ट के अनुसार न्यूजीलैंड में लगातार चार दिनों से कोरोना वायरस के मामलों में कमी आ रही है ।

अब तक सिर्फ 2 मौतें
गुरुवार को आई रिपोर्ट के अनुसार न्यूजीलैंड में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 29 नए और संभावित केस रिपोर्ट किए । इस देश में   अब तक संक्रमण के कुल 1332 मामले सामने आ चुके हैं और 2 मौतें हुई हैं । यहां वायरस से संक्रमित 317 लोग रिकवर भी हो चुके हैं । दरअसल न्‍यूजीलैंड एक बहुत ही छोटा सा देश है जिसकी कुल आबादी ही 50 लाख है । कोरोना के खतरे को देखते हुए देश में 15 दिनों का लॉकडाउन किया गया था जो कि सफल रहा है ।

प्रधानमंत्री जेसिंडा की हो रही तारीफ
कोराना से लड़ाई के मामले में अब न्‍यूजीलैंड की 39 वर्षीय प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डेन की तारीफ हो रही है । जेसिंडा ने गुरुवार को दिए भाषण में कहा कि न्‍यूजीलैंड में सरकार धीरे-धीरे हालात काबू करने की ओर आगे बढ़ रही है और योजनाएं भी काम कर रही है । एक ओर अमेरिका जैसा देश है जो लॉकडउान पूरे देश में लागू करने से अब भी डर रहा है वहीं न्‍यूजीलैंड में नियमों में ढील देने की कोई जल्‍दी नहीं । न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डेन ने कहा कि वह बॉर्डर पर प्रतिबंध और सख्त कर रही हैं । आर्डेन ने साफ कर दिया है कि जो भी देश में बाहर से प्रवेश करेंगे, उन्हें दो हफ्ते के लिए घर के बजाय सरकारी फैसिलिटी में क्वारंटीन किया जाएगा । न्‍यूजीलैंड में विदेशी नागरिकों की एंट्री 20 मार्च से ही बैन है ।

अभी लड़ाई बाकी है
देश की प्रधानमंत्री ने कहा कि 15 दिनों के लॉकडाउन को देखते हुए मैं ये कहना चाहती हूं कि न्यूजीलैंड के लोगों ने बहुत बड़ा काम किया है. आप सब लोगों ने मिलकर फैसला लिया और एक-दूसरे को सुरक्षित किया. आप लोगों ने कई जानें बचाईं. हालांकि, जैसा मैंने कहा है कि अभी हमारे सामने पूरी मैराथन बाकी है । दरअसल न्‍यूजीलैंड में कोरोना वायरस के खिलाफ समय रहते कार्रवाई कर ली गई । 28 फरवरी को न्यूजीलैंड में संक्रमण का पहला मामला सामने आया था, जबकि अमेरिका में ठीक एक महीने बाद । लेकिन अमरीका के हालात किसी से छुपे नहीं हैं ।

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