MP News- शिवराज का बड़ा एलान दूसरे राज्यो में फंसे मजदूरों को दिए जायेंगे एक-एक हजार रुपये

देशभर में लागू लॉक डाउन के चलते उद्योग धंधे ठप पड़े हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश के लाखों मजदूर दिल्ली, मुम्बई, सूरज समेत देश के अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं। ऐसे मजदूरों के लिए राज्य सरकार ने बुधवार को एक बड़ा फैसला लिया है।

भोपाल। देशभर में लागू लॉक डाउन के चलते उद्योग धंधे ठप पड़े हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश के लाखों मजदूर दिल्ली, मुम्बई, सूरज समेत देश के अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं। ऐसे मजदूरों के लिए राज्य सरकार ने बुधवार को एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि दूसरे राज्यों में फंसे ऐसे प्रदेश के मजदूरों के खाते में राज्य सरकार एक हजार रुपये जमा करेगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को सोशल मीडिया पर एक वीडिया पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि “दूसरे राज्यों में फंसे मध्यप्रदेश के मजदूरों के खाते में एक हजार रुपये की राहत राशि डाली जायेगी। अन्य राज्यों में फंसे मजदूरों की सूची तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मैं सभी जनप्रतिनिधियों सांसद, विधायकों से आव्हान करता हूं कि वे उनके क्षेत्र के फंसे हुए मजदूरों की तत्काल सूचि बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय और कलेक्टर को भिजवाएं। जैसे-जैसे उनका अकाउंट नंबर और कॉन्टेक्ट नंबर आएगा, हम तत्काल उनके खाते में पैसे डालते जाएंगे।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन की वजह से कारखाने, फैक्टरियां, व्यापर बंद हो गई हैं। ऐसे में मजदूरों के सामने खाने पीने का संकट आ गया है। प्रदेश सरकार ऐसे मजदूरों की लिस्ट तैयार कर उन्हें राहत पहुंचाएगी। इसके लिए उन्होंने अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी बात की है और उनसे मध्यप्रदेश के मजदूरों की सूची उपलब्ध कराने की मांग की है।

उन्होंने कहा है कि हमने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात कर ऐसे मजदूरों के आवास और भोजन की व्यवस्था करने के लिए कहा है। हम उनकी आवश्यकता को पूरी करने के लिए उनके खाते में एक हजार रुपये डालेंगे। मजदूर जहां हैं, वहां से वे यह पैसा निकालकर अपनी जरूरतें पूरी कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में जितने राशन कार्ड धारी हैं, उनको इस महीने से हम दो-दो महीने का राशन नि:शुल्क देने की तैयारी कर रहे हैं। प्रतिव्यक्ति पांच किलो चावल या गेहूं और एक किलो दाल दी जा रही है।

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